TAJDHAM PAGALKHANA SHARIF

आरती ३

		    सद्गुरु दयाल स्वामी मन की तपन बुझा दो I
                    दर पे खड़ा भिखारी,मुखड़ा जरा दिखा दो  I
                              अवगुण मेरे जलाकर,अज्ञान टीयूएम मिटादो I
                              भक्ति का रस पिलाकर,सुख ज्योत को जगा दो I
                    सद्गुरु दयाल स्वामी मन की तपन बुझा दो I
                    मानव बुरा बुरा हूँ,कपटी अती बड़ा हूँI
                    तुम्हरे चरण पड़ा हूँ,आवा-गमन मिटा दो I
                            तीरथ-विरथ ना जानु,सुमरन बने ना ध्यानु I
                            तुम्हरे सिवा ना जानु,आपही अपन लगा दो I
                    प्रयाग के निकटपर,त्रिवेणीजी के तटपर I
                    ह्रदय कमल के घटपर,मुरली मधुर सुनो दो I
                           सेवक हुआ दुःखारी द्रुढप्रित करो मुरारी I
                            बिनती करू तुम्हारी,बुंद सिंधु मे मिला दो I
                    सद्गुरु दयाल स्वामी मन की तपन बुझा दो I
                    दर पे खड़ा भिखारी,मुखड़ा जरा दिखा दो  I